अब नहीं मिलते

https://youtu.be/lYeSk2Q3Xts

Advertisements

मेरे पास रहा कर

खुदा से मेरी आखिरी, अरदास रहा कर । तू ख्वाब में सही, मेरे पास रहा कर ।।   ये इश्क़ की सिरहन न ले ले जान आशिक़ की। तू मुझसे दुश्मनी कर, नाराज़ रहा कर ।।   डूब कर जीने का मज़ा और है हमदम। इस तैरती कश्ती पे तू , सैलाब रहा कर।।   मैं वो... Continue Reading →

जब शाम होती है

वो पल जो मैंने खो दिए , रोटी की आज़त में । रूठे से मुझसे मिलते हैं , जब शाम होती है।।   परिंदा जो उड़ के सुबहो को दाना कमाने जाता है । ज़ख़्मी बदन आता है वो , जब शाम होती है।।   दरिया को भी अब देखकर मैं खौफ खाता हूँ ।... Continue Reading →

कुछ बूंदे

तस्वीर तेरी रात भर तकती रही, दो बोझल आँखें । कुछ पिघले ख्वाब, जो आंसूं बनकर बहते रहे ।।   आसमान में बेख़ौफ़ उड़ने की अजब ज़िद थी उन्हें । कुछ परिंदे, जो तल्ख़ हवाओं के नश्तर सहते रहे ।।   वो बूंदे थीं, जो खो गयी इश्क के समंदर में कहीं । कुछ मुसाफिर,... Continue Reading →

मुलाक़ात

  उस से मिलना तो  "हाल-ए-दिल " न बताना। तन्हा कैसे कटी  "उम्र-ए-ग़ाफ़िल " न बताना।। न मिले निगाहों से निगाह "याद " रहे। "अज़ीम-ए-गुनाह-ए-संगदिल" न बताना।। जो पूछे हाल तो करना  "ख़ैरियत " ही बयां । "अज़ाब-ए-जख्म-ए-कातिल " न बताना।। बिछड़ना फिर से, तो चेहरे पे  "मुस्कान" रहे।   "दर्द-ए-दिल-ए-बुज़दिल " न बताना।।     ... Continue Reading →

कागज़ फाड़ दिए मैंने

कागज़ फाड़ दिए मैंने   सींचे थे खून पसीनों से, लिख पढ़ के साल महीनों से, रद्दी के जो ज़द हुवे, निरर्थक जिनके शब्द हुवे, पुरानी उपाधियां, प्रमाणपत्र, आज झाड़ दिए मैंने, काग़ज़ फाड़ दिए मैंने। डूबे थे इश्क़ जज़्बातों में, खाली दिन सूनी रातों में, मेहबूब की मीठी बातों में, यौवन की बहकी यादों में, ताकों... Continue Reading →

मुझे तू याद आती है

सुलगते दिन ठिठुरती रातों में बैठे बैठे यूँ ही यादों में, जाने अनजाने लोगों से मुलाकातों में, किसी की प्यार भरी बातों में, मुझे तू याद आती है। मेरे सितारों की गर्दिश में, मन के तारों की बंदिश में, किसी चेहरे की कशिश में, कुछ भुलाने की कोशिश में, मुझे तू याद आती है। ज़िन्दगी... Continue Reading →

Blog at WordPress.com.

Up ↑