मेरे पास रहा कर

खुदा से मेरी आखिरी, अरदास रहा कर । तू ख्वाब में सही, मेरे पास रहा कर ।।   ये इश्क़ की सिरहन न ले ले जान आशिक़ की। तू मुझसे दुश्मनी कर, नाराज़ रहा कर ।।   डूब कर जीने का मज़ा और है हमदम। इस तैरती कश्ती पे तू , सैलाब रहा कर।।   मैं वो... Continue Reading →

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जब शाम होती है

वो पल जो मैंने खो दिए , रोटी की आज़त में । रूठे से मुझसे मिलते हैं , जब शाम होती है।।   परिंदा जो उड़ के सुबहो को दाना कमाने जाता है । ज़ख़्मी बदन आता है वो , जब शाम होती है।।   दरिया को भी अब देखकर मैं खौफ खाता हूँ ।... Continue Reading →

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