Category: poetry
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कुछ बूंदे
तस्वीर तेरी रात भर तकती रही, दो बोझल आँखें । कुछ पिघले ख्वाब, जो आंसूं बनकर बहते रहे ।। आसमान में बेख़ौफ़ उड़ने की अजब ज़िद थी उन्हें । कुछ परिंदे, जो हवाओं के नश्तर सहते रहे ।। वो बूंदे थीं, जो खो गयी इश्क के समंदर में कहीं । कुछ मुसाफिर, जो रहगुज़र को…
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मुलाक़ात
उस से मिलना तो “हाल-ए-दिल ” न बताना। तन्हा कैसे कटी “उम्र-ए-ग़ाफ़िल ” न बताना।। न मिले निगाहों से निगाह “याद ” रहे। “अज़ीम-ए-गुनाह-ए-संगदिल” न बताना।। जो पूछे हाल तो करना “ख़ैरियत ” ही बयां । “अज़ाब-ए-जख्म-ए-कातिल ” न बताना।। बिछड़ना फिर से, तो चेहरे पे “मुस्कान” रहे। “दर्द-ए-दिल-ए-बुज़दिल ” न बताना।। …
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कागज़ फाड़ दिए मैंने
कागज़ फाड़ दिए मैंने सींचे थे खून पसीनों से, लिख पढ़ के साल महीनों से, रद्दी के जो ज़द हुवे, निरर्थक जिनके शब्द हुवे, पुरानी उपाधियां, प्रमाणपत्र, आज झाड़ दिए मैंने, काग़ज़ फाड़ दिए मैंने। डूबे थे इश्क़ जज़्बातों में, खाली दिन सूनी रातों में, मेहबूब की मीठी बातों में, यौवन की बहकी यादों में, ताकों से…
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मुझे तू याद आती है
जुदाई शायरी, प्रेम वियोग पे कविता, मुझे तू याद आती है। माशूका की याद में लिखी ये कविता सभी आशिक़ों को समर्पित है। इस कविता में उर्दू शब्दावली का प्रयोग किया गया है।
